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Mr Sanjay Kumar Rakesh, Joint Secretary, Ministry of Electronics and Information Technology, Government of India, delivering inaugural address at "Digicomp 2018.

Govt setting great store by indigenous manufacturing of ESDM products: Sanjay Kumar Rakesh

Thesynergyonline Digital Bureau

NEW DELHI, JANUARY 23 :

Indian Chamber of Commerce (ICC), under the Ministry of IT & Electronics, Government of India and with support from premier industry body IESA organised a two-day "Conference and Exhibition" on "Computer Hardware & Design-led Manufacturing" or ESDM products manufacturing in India.

The event entitled: "Digicomp 2018" is the latest sequel of ICC's initiatives in the field of ESDM sector. The main objective of this novel initiative of ICCs is to highlight the "Computer Hardware & Design-led ESDM Product" manufacturing industry of India. The inaugural session of the event was held today (16th January, 2018) at India Habitat Centre, New Delhi.

Speaking on the occasion, the "chief guest" of the Inaugural Session Mr Sanjay Kumar Rakesh, Joint Secretary, Ministry of Electronics and Information Technology, Government of India, mentioned in last few years there has been a sea change in government' s policies, as far as the IT Sector is concerned. A new policy document is also likely to come in place within next one or one & and a half months. In addition to IT & ITeS sector, the Ministry of IT & Electronics, Government of India is also emphasising on indigenous manufacturing of ESDM products. Government of India is now encouraging each individual State, to come up with more conducive industrial policies to attract private investment in the ESDM sector. States like Andhra Pradesh & Karnataka have really flourished in this respect, although response from Eastern and North-Eastern States have been found relatively laggard in this respect.

Mr Devender Singh, Principal Secretary, Department of Electronics & Information Technology, Government of Haryana highlighted the opportunities for investment in ESDM sector of Haryana.

Mr Singh mentioned that apart from being a BPO Hub of India, Haryana is now strongly focusing on manufacturing of ESDM products in the State. Particularly in sub-sectors like 'Automotive Electronics, 'IT /OA' and 'Telecom'; the state is really striving ahead. Mr. Singh also mentioned about a few factors like State's strategic location, connectivity through 'industrial corridors' and existence of a well-designed 'GST Regime', that can add great value to the profitability factor of any private investor in the ESDM sector.

Ms Richa Shrivastava, Vice President (Marketing & Strategy), Fintech, Government of Andhra Pradesh gave a crisp presentation on "Transforming the future for Fintech: How to create a new value proposition for the State?"

Ms Shrivastava dealt quite elaborately on the overview of Indian Fintech Ecosystem. She also spoke on topics like: Financial Electronics, Fintech Funding in India, 5 M Strategy for Fintech Ecosystem etc. She informed about incentives like 'Preferential Market Access" to Government Projects to Fintech Start-Ups.

Ms Deepthi Ravula, Joint Director – IT, Electronics & Communication Department, Government of Telengana gave an elaborate presentation on "Electronics in Telengana". Ms. Ravula mentioned that, as the Second Largest Exporting State in IT Export, the State Telengana has made tremendous progress in the ESDM sector. She mentioned in detail about deciding factors for investment like: Telengana Fibre Grid, largest industrial Land Bank, T-Hub for Start Ups etc.

Among other experts who gave deliberations during the "Inaugural Session" included: Mr. Ashwini K. Aggarwal, Chairman-IESA, Director-Government Affairs, Applied Materials India Pvt Ltd & Mr. J.V. Ramamurthi, ICC etc.

A small exhibition is also organized on the sidelines of the 'Conference'. Five States & many important private players took part in this exhibition. Some fruitful B2B Meetings were also held during the programme.

The programme was attended by good number of delegates & visitors.

भारत सरकार भी ईएसडीएम उत्पादों के स्वदेशी निर्माण पर जोर दे रही हैः संजय कुमार राकेश

Thesynergyonline डिजिटल ब्यूरो

नई दिल्ली, जनवरी 23: इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) ने भारत सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के तत्वावधान में, कंप्यूटर हार्डवेयर और डिजाइन-प्रेरित विनिर्माण अथवा ईएसडीएम उत्पादों के भारत में निर्माण पर दो-दिवसीय सम्मेलन व प्रदर्शनी आयोजित की

इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) ने प्रमुख उद्योग संगठन आईईएसए के सहयोग से और भारत सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के तत्वावधान में, कंप्यूटर हार्डवेयर और डिजाइन-प्रेरित विनिर्माण अथवा ईएसडीएम उत्पादों के भारत में निर्माण पर दो-दिवसीय सम्मेलन व प्रदर्शनी का आयोजन किया।

डिजिकॉम्प 2018 नामक यह ईवेंट ईएसडीएम सेक्टर में आईसीसी की पहल का नवीनतम रूप है। आईसीसी की इस आदर्श पहल का मुख्य उद्देश्य है कंप्यूटर हार्डवेयर और डिजाइन-प्रेरित ईएसडीएम उत्पाद उद्योग को सामने लाना। उद्घाटन सत्र का आयोजन इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में हुआ।

इस अवसर पर बोलते हुए, मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार राकेश, संयुक्त सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में, सरकार की नीतियों में जहां तक आईटी सेक्टर का संबंध है, व्यापक बदलाव आया है। अगले एक या डेढ़ महीने में एक नया नीति दस्तावेज भी आ सकता है। आईटी और आईटीईएस सेक्टर के अतिरिक्त, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय, भारत सरकार भी ईएसडीएम उत्पादों के स्वदेशी निर्माण पर जोर दे रहा है। ईएसडीएम क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए भारत सरकार अब प्रत्येक राज्य को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वे अधिक अनुकूल औद्योगिक नीतियों अपना सकें। इस संबंध में आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्य वास्तव में विकसित हुए हैं, हालांकि इस संबंध में पूर्वी और उत्तर-पूर्व राज्यों से अपेक्षाकृत कम प्रतिक्रिया मिली है।

हरियाणा सरकार के इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्री देवेंद्र सिंह ने हरियाणा के ईएसडीएम सेक्टर में निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला। श्री सिंह ने उल्लेख किया कि भारत का बीपीओ हब होने के अलावा, हरियाणा अब राज्य में ईएसडीएम उत्पादों के विनिर्माण पर जोर दे रहा है। विशेषकर मोटर वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, ओए और दूरसंचार जैसे कुछ उप-क्षेत्रों में राज्य आगे बढ़ रहा है। श्री सिंह ने राज्य की रणनीतिक लोकेशन, औद्योगिक गलियारों के माध्यम से कनेक्टिविटी और अच्छी तरह से डिजाइन किए गए जीएसटी नियमों के अस्तित्व जैसे कुछ कारकों का भी उल्लेख किया, जो कि ईएसडीएम क्षेत्र में किसी भी निजी निवेशक के लाभ में वृद्धि कर सकते हैं।

आंध्र प्रदेश सरकार की वाइस प्रेसीडेंट (मार्केटिंग एवं स्ट्राटेजी), श्रीमती ऋचा श्रीवास्तव ने फिनटैक के लिए भविष्य का रूपांतरण- राज्य के लिए एक नया मूल्य प्रस्ताव कैसे बनाया? विषय पर एक रोचक प्रस्तुति दी। श्रीमती श्रीवास्तव ने भारतीय फिनटैक इकोसिस्टम पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने वित्तीय विषयों जैसे- फाइनेंशियल इलेक्ट्रॉनिक्स, फाइनटैक फंडिंग इन इंडिया, 5 एम स्ट्रेटेजी फॉर फिनटैक इकोसिस्टम आदि पर भी चर्चा की। उन्होंने फिनटैक स्टार्ट-अप के लिए सरकारी परियोजनाओं को प्रेफरेंशियल मार्केट एक्सेस जैसे प्रोत्साहनों के बारे में जानकारी दी। तेलंगाना सरकार की जॉइंट डायरेक्टर, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग, सुश्री दीप्ति रवुला ने तेलंगाना में इलेक्ट्रॉनिक्स पर विस्तृत प्रजेंटेशन दिया। सुश्री दीप्ति ने उल्लेख किया कि, आईटी निर्यात में दूसरा सबसे बडे़ निर्यातक राज्य, तेलंगाना ने ईएसडीएम क्षेत्र में काफी प्रगति की है। उन्होंने निवेश के लिए कारकों को तय करने के बारे में विस्तार से बताया, जैसे- तेलंगाना फाइबर ग्रिड, सबसे बड़ा औद्योगिक भूमि बैंक, स्टार्ट अप आदि के लिए टी-हब।

उद्घाटन सत्र के दौरान विचार-विमर्श करने वाले अन्य विशेषज्ञों में शामिल हैं- श्री अश्विनी के अग्रवाल, अध्यक्ष-आईईएसए, निदेशक, सरकारी मामले, एप्लाइड मैटेरियल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और श्री जेवी राममूर्ति, आईसीसी आदि। सम्मेलन के मौके पर एक लघु प्रदर्शनी भी आयोजित की गयी। प्रदर्शनी में पांच राज्यों और कई महत्वपूर्ण निजी कंपनियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान कुछ उपयोगी बी2बी बैठकें भी आयोजित की गयीं।

कार्यक्रम में अच्छी संख्या में प्रतिनिधियों और आगंतुकों ने भाग लिया।

ESDM کی مصنوعات کی مقامی مینوفیکچرنگ کی طرف سے گورنمنٹ کی بڑی اسٹور کی ترتیب: سنج کمار ریککس

Thesynergyonline ڈیجیٹل بیورو

نئی دہلی، جنوری 23: بھارتی حکومت برائے آئی ٹی اور الیکٹرانکس، آئی ٹی اور الیکٹرانکس، انڈیا کی حکومت کے تحت، اور پریسئر انڈسٹری کے ادارے کی مدد سے آئی ای ای اے نے "کمپیوٹر ہارڈ ویئر اور ڈیزائن کی قیادت کی مینوفیکچرنگ" یا ESDM کی مصنوعات پر دو دن "کانفرنس اور نمائش" کا اہتمام کیا. بھارت میں مینوفیکچرنگ.

ایونٹ حقائق: "ڈیجیٹک 2018" ESDM سیکٹر کے میدان میں آئی سی سی کی سرگرمیاں کا تازہ ترین نتیجہ ہے. آئی سی سی کے اس ناول پہلو کا بنیادی مقصد "کمپیوٹر ہارڈ ویئر اور ڈیزائین کی قیادت کی ESDM مصنوعات" کو بھارت کے مینوفیکچرنگ انڈسٹری کو اجاگر کرنا ہے. اس موقع پر افتتاحی اجلاس منعقد کیا گیا تھا (16 جنوری، 2018) ہندوستانی حبیبیت سینٹر، نئی دہلی میں.

اس موقع پر خطاب کرتے ہوئے، گزشتہ چند سالوں میں ذکر کردہ بھارت کی الیکٹرانکس اینڈ انفارمیشن ٹیکنالوجی وزارت مشترکہ سیکرٹری، جوائنٹ سکریٹری مسٹر سنج کمار ریکک نے حکومت کی پالیسیوں میں سمندر کی تبدیلی کی ہے، جہاں تک آئی ٹی سیکٹر کا تعلق ہے. اگلے ایک یا ایک اور آدھی مہینے کے اندر ایک نئے پالیسی کا دستاویز بھی ممکن ہے. آئی ٹی اور آئی ٹی ای ایس سیکٹر کے علاوہ، آئی ٹی اور الیکٹرانکس وزارت، ہندوستانی حکومت ESDM کی مصنوعات کی مقامی مینوفیکچرنگ پر بھی زور دیتا ہے. بھارت کی حکومت اب ہر انفرادی ریاست کو حوصلہ افزائی کر رہی ہے، ESDM سیکٹر میں نجی سرمایہ کاری کو اپنی طرف متوجہ کرنے کے لئے زیادہ سازگار صنعتی پالیسیوں کے ساتھ آو. اس سلسلے میں آندھرا پردیش اور کرٹک جیسے ریاستوں نے واقعی فلایا ہے، اگرچہ مشرق وسطی اور شمال مشرقی ریاستوں کا جواب اس سلسلے میں نسبتا لگارڈ ہے.

الیکٹرانکس اینڈ انفارمیشن ٹیکنالوجی ڈیپارٹمنٹ پرنسپل سیکریٹری مسٹر دیندر سنگھ، ہریانہ کی حکومت نے ہریانہ کے ESDM سیکٹر میں سرمایہ کاری کے مواقع پر روشنی ڈالی.

 

مسٹر سنگھ نے بتایا کہ بھارت کے بی پی او حب ہونے کے علاوہ، اب ہریانہ ریاستی ریاست میں ESDM کی مصنوعات کی مینوفیکچررز پر توجہ مرکوز کر رہی ہے. خاص طور پر 'آٹوموٹو الیکٹرانکس،' آئی ٹی / او اے 'اور' ٹیلی کام 'جیسے ذیلی شعبوں میں؛ ریاست واقعی آگے چل رہا ہے. مسٹر سنگھ نے ریاستی اسٹریٹجک مقام جیسے 'صنعتی گراؤنڈوں' اور 'اچھی طرح سے ڈیزائن کردہ' جی ایس ٹی ریگیم 'کے وجود کے بارے میں چند عوامل کے بارے میں بھی ذکر کیا ہے، جو ESDM سیکٹر میں کسی نجی سرمایہ کاری کے منافع بخش عنصر کے لئے بہت اچھا قدر شامل کرسکتا ہے.

محترمہ رچا شرمیوستوا، نائب صدر (مارکیٹنگ اور حکمت عملی)، فینچ، آندھرا پردیش حکومت نے "فینچ کے مستقبل کو تبدیل کرنے والی ریاست" کے لئے ایک نئی قیمت کی تجویز کیسے بنائی ہے؟ "

 محترمہ شرمیوستوا نے بھارتی فینچیک اکسیسی نظام کے جائزہ پر کافی تفصیل سے معاملہ کیا. انہوں نے موضوعات جیسے کہ: مالیاتی الیکٹرانکس، فینچ فنڈ انڈیا میں، 5 ایم حکمت عملی کے لئے فینچ ایکسیسی نظام وغیرہ پر بھی بات کی. انہوں نے حکومت کے منصوبوں کو 'فرنچ سٹار اپ اپ کے لئے' ترجیحی مارکیٹ تک رسائی 'جیسے تشویشوں کے بارے میں آگاہ کیا.

محترمہ دیپتی راولا، مشترکہ ڈائریکٹر - آئی ٹی، الیکٹرانکس اینڈ کمیونیکیشن ڈیپارٹمنٹ، ٹیلیگنا حکومت نے "تلنگھن میں الیکٹرانکس" پر ایک جامع پیشکش کی. محترمہ راولا نے بتایا کہ، آئی ٹی ایکسپورٹ میں دوسرا سب سے بڑا برآمد ریاست، ریاستی تلنگانہ نے ESDM سیکٹر میں زبردست ترقی کی ہے. انہوں نے سرمایہ کاری کے لئے فیصلے کے عوامل کے بارے میں تفصیل سے ذکر کیا: تلنگانہ فائبر گرڈ، سب سے بڑا صنعتی لینڈ بینک، شروع اپ کے لئے ٹی ہب وغیرہ.

دوسرے ماہرین کے درمیان جنہوں نے "غیر معمولی سیشن" کے دوران غور کیجئے. میں شامل تھے: مسٹر اشولی نگار اگروال، چیئرمین IESA، ڈائریکٹر آف گورنمنٹ امور، ایپلیڈیٹڈ مادے بھارت پرائیو لمیٹڈ اور جناب جی وی رامامھتی، آئی سی سی وغیرہ.

'کانفرنس' کے موقع پر ایک چھوٹی نمائش بھی منعقد کی جاتی ہے. اس نمائش میں پانچ ریاستوں اور بہت سے اہم نجی کھلاڑیوں نے حصہ لیا. اس پروگرام کے دوران کچھ پھلدار بی 2 بی ملاقاتیں بھی منعقد کی گئیں.

پروگرام میں بہت اچھا وفد اور مہمانوں نے شرکت کی.

ఎస్.డి.ఎమ్.ఎమ్ ఉత్పత్తుల దేశీయ ఉత్పాదన ద్వారా ప్రభుత్వం గొప్ప దుకాణాన్ని నెలకొల్పింది: సంజయ్ కుమార్ రాకేష్

థెసిజెర్జన్ లైన్ డిజిటల్ బ్యూరో

న్యూఢిల్లీ, జనవరి 23: ఇండియన్ ఛాంబర్ ఆఫ్ కామర్స్ (ఐసిసి) ఐటీ అండ్ ఎలక్ట్రానిక్స్ మంత్రిత్వశాఖ పరిధిలో, భారతదేశ ప్రభుత్వము యొక్క ఐఇఎస్ఎ, "కంప్యూటర్ హార్డ్వేర్ మరియు డిజైన్-నేతృత్వ తయారీ" లేదా ESDM ఉత్పత్తులపై రెండు రోజుల "కాన్ఫరెన్స్ అండ్ ఎగ్జిబిషన్" ను నిర్వహించింది. భారతదేశం లో తయారీ.

ఈ కార్యక్రమం: "Digicomp 2018" అనేది ESDM రంగానికి చెందిన ఐసీసీ ప్రవేశాల యొక్క తాజా సీక్వెల్. ఐ.సి.సి.ల యొక్క ఈ నవల చొరవ ప్రధాన ఉద్దేశం "కంప్యూటర్ హార్డ్ వేర్ & డిజైన్-నేతృత్వంలోని ESDM ప్రోడక్ట్" తయారీ పరిశ్రమను హైలైట్ చేస్తుంది. ఈ కార్యక్రమానికి ప్రారంభ సమావేశం నేడు (16 వ జనవరి, 2018) భారతదేశ నివాస కేంద్రం, న్యూఢిల్లీలో జరిగింది.

ఈ సందర్భంగా ప్రసంగిస్తూ, ప్రారంభ సెషన్ యొక్క "ముఖ్య అతిథి" గత కొన్ని సంవత్సరాలలో పేర్కొన్న భారత ఎలక్ట్రానిక్స్ అండ్ ఇన్ఫర్మేషన్ టెక్నాలజీ మంత్రిత్వశాఖ సంయుక్త కార్యదర్శి సంజయ్ కుమార్ రాకేశ్ ప్రభుత్వ విధానాల్లో సముద్ర మార్పు ఉంది, ఐటి సెక్టార్కి సంబంధించినంత వరకు. ఒక కొత్త పాలసీ పత్రం తదుపరి ఒకటి లేదా ఒకటిన్నర నెలల్లోనే రావచ్చు. IT & ITeS సెక్టార్తో పాటుగా, IT & amp; ఎలక్ట్రానిక్స్ మంత్రిత్వశాఖ భారతదేశ ప్రభుత్వం కూడా ESDM ఉత్పత్తుల దేశీయ తయారీపై దృష్టి పెట్టింది. భారత ప్రభుత్వం ఇప్పుడు ప్రతి ఒక్క రాష్ట్రంను ప్రోత్సహిస్తోంది, ESDM రంగంలో ప్రైవేటు పెట్టుబడులను ఆకర్షించేందుకు మరింత అనుకూలమైన పారిశ్రామిక విధానాలతో ముందుకు వస్తోంది. ఈ విషయంలో ఆంధ్రప్రదేశ్, కర్నాటక వంటి రాష్ట్రాలు నిజంగా వృద్ధి చెందాయి. అయితే తూర్పు, నార్త్-ఈస్ట్రన్ రాష్ట్రాల నుంచి వచ్చిన ప్రతిస్పందన ఈ విషయంలో చాలా తక్కువగా ఉంది.

హర్యానా ప్రభుత్వానికి చెందిన ఎలక్ట్రానిక్స్ అండ్ ఇన్ఫర్మేషన్ టెక్నాలజీ విభాగం ప్రిన్సిపల్ కార్యదర్శి దేవేందర్ సింగ్, హర్యానా ఎస్ఎస్డిఎమ్ రంగంలో పెట్టుబడులకు అవకాశాలను చూపించారు. భారత్లో బిపిఓ కేంద్రంగా కాకుండా, హర్యానా రాష్ట్రంలో ఎస్ఎస్డిఎమ్ ఉత్పత్తుల తయారీపై దృష్టి కేంద్రీకరిస్తోందని సింగ్ పేర్కొన్నారు. ముఖ్యంగా 'ఆటోమోటివ్ ఎలక్ట్రానిక్స్,' ఐటి / ఓఎ ',' టెలికాం 'వంటి ఉప-విభాగాల్లో; రాష్ట్రంలో నిజంగా ముందుకు సాగుతోంది. ఎస్.డి.డి.ఎమ్ రంగంలోని ఏ ఒక్క ప్రైవేటు మదుపుదారుని లాభదాయకత కారకంకు గొప్ప విలువను జోడించే 'పారిశ్రామిక కారిడార్లు' మరియు బాగా రూపకల్పన చేసిన 'జిఎస్టి రెజిమే' ఉనికి ఉన్న రాష్ట్రాల వ్యూహాత్మక ప్రదేశం, కనెక్టివిటీ వంటి కొన్ని అంశాల గురించి సింగ్ కూడా ప్రస్తావించారు.

ఆంధ్రప్రదేశ్ ప్రభుత్వం యొక్క ఉప అధ్యక్షుడు (మార్కెటింగ్ అండ్ స్ట్రాటజీ), శ్రీ రిచా శ్రీవాత్సవ, "ఫ్యూంటెక్ కోసం భవిష్యత్ను మార్చడం: రాష్ట్రం కోసం కొత్త విలువ ప్రతిపాదన ఎలా సృష్టించాలి?"

 ఇండియన్ ఫింటెక్ ఎకోసిస్టమ్ యొక్క అవలోకనంపై శ్రీవాత్సవ చాలా విస్తృతంగా చర్చించారు. ఫైనాన్చ్ ఎకాసిస్టం కోసం ఫైనాన్షియల్ ఎలక్ట్రానిక్స్, ఫింటెక్ ఫండింగ్, ఫిన్టెచ్ ఎకోసిస్టం కోసం 5 ఎం స్ట్రాటజీ వంటి అంశాలపై కూడా ఆమె మాట్లాడారు. ఆమె ఫండ్టెక్ స్టార్-అప్స్కు ప్రభుత్వ ప్రాజెక్ట్స్కు 'ప్రిఫరెన్షియల్ మార్కెట్ యాక్సెస్' వంటి ప్రోత్సాహకాలను గురించి తెలియజేసింది.

తెలంగాణ ప్రభుత్వం, ఎలక్ట్రానిక్స్ అండ్ కమ్యూనికేషన్స్ విభాగం, జాయింట్ డైరెక్టర్ - Ms దీప్తీ రౌతు, "ఎలక్ట్రానిక్స్లో ఎలక్ట్రానిక్స్" లో విస్తృతమైన ప్రదర్శన ఇచ్చింది. ఐటి ఎగుమతిలో రెండో అతి పెద్ద ఎగుమతి రాష్ట్రంగా, తెలంగాణ రాష్ట్రంలో ఎస్ఎస్డిఎమ్ విభాగంలో విపరీతమైన పురోగతి సాధించింది. టెలినాగానా ఫైబర్ గ్రిడ్, అతిపెద్ద పారిశ్రామిక ల్యాండ్ బ్యాంక్, స్టార్ అప్స్ కోసం టి-హబ్ మొదలైనవి పెట్టుబడి పెట్టడానికి కారణాలను గురించి ఆమె వివరంగా పేర్కొన్నారు.

"ప్రారంభ సెషన్" సమయంలో చర్చలు ఇచ్చిన ఇతర నిపుణులలో: మిస్టర్ అశ్వినీ కె. అగర్వాల్, చైర్మన్-ఇ.ఎస్.ఇ.యస్, డైరెక్టర్-గవర్నమెంట్ వ్యవహారాలు, అప్లైడ్ మెటీరియల్స్ ఇండియా ప్రైవేట్ లిమిటెడ్, జె.వి.రామమూర్తి, ఐసీసీ మొదలైనవి.

'కాన్ఫరెన్స్' ప్రక్కన ఒక చిన్న ప్రదర్శన కూడా నిర్వహించబడుతుంది. ఈ ప్రదర్శనలో అయిదు రాష్ట్రాలు మరియు అనేక ముఖ్యమైన ప్రైవేట్ ఆటగాళ్ళు పాల్గొన్నారు. కొన్ని ఫలవంతమైన B2B సమావేశాలు కూడా కార్యక్రమంలో నిర్వహించబడ్డాయి.

ఈ కార్యక్రమానికి హాజరైన ప్రతినిధులు, సందర్శకులు హాజరయ్యారు.

ഇഎസ്ഡിഎം ഉത്പന്നങ്ങളുടെ തദ്ദേശീയ നിർമാണത്തിലൂടെ സർക്കാർ വലിയ സ്റ്റോർ നിർമിക്കുന്നു: സഞ്ജയ് കുമാർ രാകേഷ്

Thesignergonline ഡിജിറ്റൽ ബ്യൂറോ

ജനുവരി 23, ഭാരതീയ ഐടി ആൻഡ് ഇലക്ട്രോണിക്സ് മന്ത്രാലയത്തിനു കീഴിലുള്ള ഇന്ത്യൻ ചേംബർ ഓഫ് കോമേഴ്സ് (ഐസിസി), ഐ.ഇ.എസ്.എയുടെ പ്രമുഖ വ്യവസായ സ്ഥാപനത്തിന്റെ സഹായത്തോടെ, കംപ്യൂട്ടർ ഹാർഡ്വെയർ ആന്റ് ഡിസൈൻ-മാനുഫാക്ചറിംഗ് അല്ലെങ്കിൽ എസ്എസ്ഡിഎം ഉത്പന്നങ്ങളിൽ രണ്ടുദിവസത്തെ കോൺഫറൻസും എക്സിബിഷനും സംഘടിപ്പിച്ചു. ഇന്ത്യയിലെ നിർമാണം.

ഈ പരിപാടി: Digicomp 2018 ESDM മേഖലയിലെ ഐസിസി പ്രാരംഭ നടപടികളുടെ ഏറ്റവും പുതിയ തുടർച്ചയാണ്. ഐ സി സിയുടെ ഈ നോവല് സംരംഭത്തിന്റെ പ്രധാന ലക്ഷ്യം "കംപ്യൂട്ടര് ഹാര്ഡ്വെയര് & ഡിസൈന് നേതൃത്വത്തിലുള്ള ഇഎസ് ഡി എം പ്രൊഡക്ട്" നിര്മ്മാണ വ്യവസായത്തെ പ്രമുഖമാക്കിക്കാണിക്കുക എന്നതാണ്. ചടങ്ങിൽ ഉദ്ഘാടന സമ്മേളനം ഇന്ന് (16th January, 2018) ഇന്ത്യാ ഹബിതാറ്റ് സെന്ററിൽ ന്യൂഡൽഹിയിലായിരുന്നു.

ഉദ്ഘാടന സമ്മേളനത്തിൽ സംസാരിക്കുകയായിരുന്നു അദ്ദേഹം. ആദ്യ ഏതാനും വർഷങ്ങളിൽ പരാമർശിച്ച ഇലക്ട്രോണിക്സ് ആന്റ് ഇൻഫർമേഷൻ ടെക്നോളജി മന്ത്രാലയം ജോയിന്റ് സെക്രട്ടറിയായ സഞ്ജയ് കുമാർ രാകേഷ് സർക്കാർ നയങ്ങളിൽ കടൽ മാറ്റം വരുത്തിയിട്ടുണ്ട്. ഐടി മേഖലയെ സംബന്ധിച്ചിടത്തോളം. അടുത്ത ഒന്നോ രണ്ടോ മാസത്തിനുള്ളിൽ പുതിയ നയരേഖയും വരും. ഐടി ആൻഡ് ഐടിഇഎസ് വിഭാഗം കൂടാതെ ഐടി ആൻഡ് എം ഇലക്ട്രോണിക്സ് മന്ത്രാലയം ഇഎസ്ഡിഎം ഉത്പന്നങ്ങളുടെ തദ്ദേശീയ നിർമാണത്തിനും ഊന്നൽ നൽകുന്നു. ഇന്ദിരാഗാന്ധി മേഖലയിൽ സ്വകാര്യ നിക്ഷേപം ആകർഷിക്കാൻ ഇൻഡ്യൻ സർക്കാർ ഇപ്പോൾ ഓരോ വ്യക്തിഗത സംവിധാനത്തെയും പ്രോത്സാഹിപ്പിക്കുന്നതാണ്. ഈ വിഷയത്തിൽ ആന്ധ്രപ്രദേശ്, കർണ്ണാടക തുടങ്ങിയ സംസ്ഥാനങ്ങൾ യഥാർഥത്തിൽ പുരോഗമിച്ചു. കിഴക്കൻ, വടക്കു കിഴക്കൻ സംസ്ഥാനങ്ങളിൽ നിന്നുള്ള പ്രതികരണത്തെ ഈ കാര്യത്തിൽ താരതമ്യേന അവ്യക്തമായി കണ്ടെത്തിയിട്ടുണ്ട്.

ഹരിയാനയിലെ എസ്എസ്ഡിഎം മേഖലയിലെ നിക്ഷേപത്തിനുള്ള അവസരങ്ങളെക്കുറിച്ച് ഹരിയാന സർക്കാരിന്റെ ഇലക്ട്രോണിക്സ് ആൻഡ് ഇൻഫർമേഷൻ ടെക്നോളജി വകുപ്പ് പ്രിൻസിപ്പൽ സെക്രട്ടറി ദേവേന്ദർ സിംഗ് ചൂണ്ടിക്കാട്ടി.

ബിപിഒ കേന്ദ്രമായി മാത്രമല്ല, സംസ്ഥാനത്ത് ഇഎസ്ഡിഎം ഉത്പന്നങ്ങളുടെ നിർമ്മാണത്തിൽ ഹരിയാന ശക്തമായി ശ്രദ്ധ കേന്ദ്രീകരിക്കുകയാണ്. പ്രത്യേകിച്ചും ഓട്ടോമോട്ടീവ് ഇലക്ട്രോണിക്സ്, ഐടി / ഒഎ, ടെലികോം തുടങ്ങിയ ഉപവിഭാഗങ്ങളിലാണ്. രാജ്യം യഥാർത്ഥത്തിൽ മുന്നോട്ടു നയിക്കുകയാണ്. സംസ്ഥാനത്തിന്റെ തന്ത്രപരമായ സ്ഥാനം, വ്യവസായ ഇടനാഴികളിലൂടെയുള്ള ബന്ധം, രൂപകൽപ്പന ചെയ്ത 'ജി.എസ്.ടീസ് റെജിമെൻ' തുടങ്ങിയ ചില ഘടകങ്ങളെ കുറിച്ച് അദ്ദേഹം പരാമർശിച്ചു. എസ്എസ്ഡിഎം മേഖലയിലെ ഏതെങ്കിലും സ്വകാര്യ നിക്ഷേപകന്റെ ലാഭക്ഷമത ഘടകം ഇതിലൂടെ വിലമതിക്കുമെന്ന് അദ്ദേഹം ചൂണ്ടിക്കാട്ടി.

ആന്ധ്രാപ്രദേശ് സർക്കാറിന്റെ വൈസ് പ്രസിഡന്റ് (ശ്രീ. ശ്രീമതി റിച്ച ശ്രീവാസ്തവ) "ഫിഞ്ചെക്ക് ഭാവി പരിവർത്തനം ചെയ്യുക: സംസ്ഥാനത്തിന് ഒരു പുതിയ മൂല്യനിർണ്ണയം എങ്ങനെ സൃഷ്ടിക്കണം?"

 

ഇന്ത്യൻ ഫിൻടെക് ഇക്കോസിസ്റ്റത്തിന്റെ സൂക്ഷ്മപരിശോധനയിൽ ശ്രീമതി ശ്രീവാസ്തവ വളരെ വ്യാപകമായിരുന്നു. ഫിനാൻഷ്യൽ ഇലക്ട്രോണിക്സ്, ഫിനെച്ച് ഫണ്ടിംഗ് ഇൻ ഫിൻടെക് എക്കോസിസ്റ്റം തുടങ്ങിയവയെക്കുറിച്ചും അവർ സംസാരിച്ചു. ഫിനേച്ചർ പ്രോജക്റ്റുകൾക്ക് സർക്കാർ പ്രോജക്റ്റുകൾക്ക് മുൻഗണനയുള്ള മാർക്കറ്റ് ആക്സസ് പോലുള്ള പ്രോത്സാഹനങ്ങളെ കുറിച്ച് അവർ പറഞ്ഞു.

തെലങ്കാനയിലെ ഇലക്ട്രോണിക്സ് ആൻഡ് കമ്യൂണിക്കേഷൻ ഡിപ്പാർട്ട്മെന്റ് ജോയിന്റ് ഡയറക്ടർ ദീപ്തി രവുല, "ഇലക്ട്രോണിക്സിൽ ഇലക്ട്രോണിക്സ്" എന്നതിനെക്കുറിച്ച് വിശദമായൊരു അവതരണം നടത്തി. ഐ.ടി. കയറ്റുമതിയിൽ രണ്ടാമത്തെ ഏറ്റവും വലിയ കയറ്റുമതി രാജ്യമായിരുന്ന തെലങ്കാന, ഇഎസ്ഡിഎം മേഖലയിൽ വൻ പുരോഗതി കൈവരിച്ചിട്ടുണ്ടെന്ന് റൗല പറഞ്ഞു. തെലുങ്കാന ഫൈബർ ഗ്രിഡ്, ഏറ്റവും വലിയ വ്യവസായ ലാൻഡ് ബാങ്ക്, സ്റ്റാർ അപ് അപ്പുകൾക്കുള്ള ടി-ഹബ് തുടങ്ങിയവയെക്കുറിച്ചും അവർ വിശദീകരിച്ചു.

"ഉദ്ഘാടനസെഷൻ" സമ്മേളനത്തിൽ വിദഗ്ധരെ അഭിസംബോധന ചെയ്ത മറ്റ് വിദഗ്ധരിൽ ഉൾപ്പെടുന്നു. ചെയർമാൻ ഇ.ഇ.എസ്.എ. ചെയർമാൻ അശ്വനി കെ. അഗർവാൾ ഡയറക്ടർ-ഗവൺമെന്റ് അഫയേഴ്സ്, അപ്ലൈഡ് മെറ്റീരിയൽസ് ഇന്ത്യ പ്രൈവറ്റ് ലിമിറ്റഡ്, ജെ.വി. രാമമൂർത്തി, ഐ.സി.സി.

സമ്മേളനത്തിന്റെ ഭാഗമായി ഒരു ചെറിയ പ്രദർശനവും സംഘടിപ്പിച്ചിട്ടുണ്ട്. ഈ പ്രദർശനത്തിൽ അഞ്ച് സംസ്ഥാനങ്ങളും നിരവധി പ്രമുഖ സ്വകാര്യ കളിക്കാരും പങ്കെടുത്തു. പരിപാടിയിൽ ചില ഫലപ്രദമായ B2B മീറ്റിംഗുകൾ നടന്നു.

ഈ പരിപാടിയിൽ ധാരാളം പ്രതിനിധികളും സന്ദർശകരും പങ്കെടുത്തിരുന്നു.

এসএসডিএম পণ্য আদিবাসী উৎপাদন দ্বারা মহান সঞ্চয়ী প্রতিষ্ঠান স্থাপন: সঞ্জয় কুমার রাকেশ

থিসেরনজিওলাইন ডিজিটাল ব্যুরো

নতুন দিলি, জানুয়ারি ২3: ইন্ডিয়ান চেম্বার অফ কমার্স (আইসিসি), আইটি ও ইলেকট্রনিক্স মন্ত্রণালয়, ভারত সরকার এবং প্রিমিয়ার শিল্প প্রতিষ্ঠানের সহযোগিতায় আইইএসএ "কম্পিউটার হার্ডওয়্যার এবং ডিজাইন-নেতৃত্বাধীন ম্যানুফেকচারিং" বা ESDM পণ্যগুলির উপর দুই দিনের "সম্মেলন ও প্রদর্শনী" আয়োজন করে। ভারতে উৎপাদন

ইভেন্টটি এনটাইটেলমেন্ট: "ডিজিমপ 2018" ইএসডিএম সেক্টরের ক্ষেত্রে আইসিসি'র উদ্যোগের সর্বশেষ উপন্যাস। আইসিসি'র এই উপন্যাসের মূল উদ্দেশ্য হচ্ছে "কম্পিউটার হার্ডওয়্যার এবং ডিজাইন-নেতৃত্বাধীন ইএসডিএম প্রোডাক্ট" ভারতের শিল্পজাত শিল্পের উপর আলোকপাত করা। অনুষ্ঠানের উদ্বোধনী অধিবেশনে আজ (16 ই জানুয়ারি, ২018) ভারতের হাবিত্যাট সেন্টার, নয়াদিল্লিতে অনুষ্ঠিত হয়।

এই অনুষ্ঠানে বক্তব্য রাখেন, উদ্বোধনী সেশনের "প্রধান অতিথি", গত কয়েক বছরে ভারত সরকারের তথ্য ও তথ্য প্রযুক্তি মন্ত্রণালয়ের যুগ্ম সচিব জনাব সঞ্জয় কুমার রাকেশ সরকার সরকারের নীতিতে পরিবর্তন এনেছেন, যতটা আইটি সেক্টর সংশ্লিষ্ট। আগামী এক বা দেড় মাসের মধ্যে একটি নতুন নীতি নথিতেও আসতে পারে। আইটি ও আইটিইএস সেক্টর ছাড়াও, আইটি ও ইলেকট্রনিকস মন্ত্রণালয়, ভারত সরকার ESDM পণ্যগুলির আদিবাসী উত্পাদন উপর জোর দেওয়া হয়। ভারত সরকার এখন প্রতিটি রাষ্ট্রকে উত্সাহিত করছে, ESDM খাতে প্রাইভেট বিনিয়োগ আকর্ষণ করার জন্য আরো উপযোগী শিল্প নীতিগুলির সাথে উঠে আসা। অন্ধ্রপ্রদেশ ও কর্ণাটকের মত রাজ্যগুলি এই বিষয়ে সর্বদা অগ্রগতি লাভ করেছে, যদিও পূর্ব ও উত্তর-পূর্বাঞ্চলীয় রাজ্যগুলির প্রতিক্রিয়া এই বিষয়ে অপেক্ষাকৃত লঘুপাত পেয়েছে।

হরিয়ানা সরকারের প্রিন্সিপাল সেক্রেটারি, ইলেকট্রনিকস অ্যান্ড ইনফরমেশন টেকনোলজির মহেন্দ্র সিংহ, হরিয়ানাের ইএসডিএম সেক্টরে বিনিয়োগের সুযোগ তুলে ধরেন।